दिल्ली एन. सी. आर के सभी क्षेत्रों में रिहायिशी परियोजनाओं का कार्य बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है फिर चाहे वह नॉएडा व् गाज़ियाबाद हो या फिर गुडगाँव या मानेसर| इसके अतिरिक्त हम सम्पूर्ण देश की बात करें तो इस साल भी सभी महत्वपूर्ण व् बड़े शहरों में तेज़ी से नए आवासीय अपार्टमेंट्स बनाए जा रहे हैं, जिनमें सबसे अधिक है मध्यम स्तर के मकान | यदि हम पिछले वर्ष से तुलना करें तो इस वर्ष मकानों के निर्माण की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है | आइये जानते हैं कि पिछले वर्ष के मुकाबले विभिन्न शहरों में इस वर्ष आवासों के निर्माण में कितनी वृद्धि हुई है |

2015 की तुलना में 2016 के आरंभिक महीनों में मध्यम स्तर की आवासीय परियोजनाओं में पूरे 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है | इस समय के दौरान 8 बड़े शहरों में 17,000 नए मकानों को निर्माणित किया गया है| एक नई रिपोर्ट के मुताबिक़ अन्य प्रकार (उत्तम श्रेणी) के आवासों में 60,000 की बढ़ोतरी हुई है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 17 फीसदी अधिक है |

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दिल्ली एन. सी. आर. में सभी मध्यम स्तर की परियोजनाओं को मिलाकर 3,000 नए आवास लांच किये गए हैं,जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 44 फीसदी कम है तथा इनमें से 70% सोहना, गुडगाँव में स्थित हैं | Cushman & Wakefield की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 3-5 वर्षों में इस एरिया में 2100 और नए आवास बनने की सम्भावना है | बाकी के 30% ग्रेटर नॉएडा वेस्ट तथा नॉएडा एक्सप्रेस वे पर बनाए जा रहे हैं |

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इस वर्ष के आरम्भ के तीन महीनों में बिकने वाले मध्यम स्तर के मकानों की औसतन कीमत 31 लाख रूपए आंकी गयी है, वहीँ मकानों के औसतन क्षेत्र में 5% की वृद्धि हुई है | यदि नए मकानों की संख्या पर गौर किया जाए तो मध्यम वर्गीय मकानों के लांच में पिछले साल के मुकाबले 10% की वृद्धि हुई है | इस साल के पहले 6 महीनों में ही 36,267 मध्यम वर्गीय मकान लांच किये गए हैं |

यदि अब हम सम्पूर्ण देश की बात करें तो विभिन्न शहरों में इन मकानों की संख्या अलग अलग आंकी गयी है |

पुणे में सबसे अधिक 4,170 नए मध्यम स्तर के आवास निर्माणित हो रहे हैं, वहीँ बैंगलोर में इनकी संख्या 4,155 है जो कि पुणे के आंकड़े के बहुत करीब है| चेन्नई में किफायती मकानों की संख्या इस वर्ष के पहले 6 महीनों में 4,000 रही जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले ठीक दोगुनी है |

मुंबई में सभी श्रेणियों को मिलाकर इस साल के पहले अर्ध भाग में 12,000 नए मकान लांच किये गए हैं वहीँ बैंगलोर में सभी नए आवासों को मिलाकर यह संख्या 11,000 दर्ज की गयी है |

इसी प्रकार देश के हर भाग का निरीक्षण कर जो आंकड़े प्रस्तुत हुए हैं, उनके अनुसार पूरे देश में बिकने वाले मध्यम स्तर के आवासों की औसतन कीमत 23 लाख रूपए रही है और यदि क्षेत्र की बात की जाए तो इस वर्ष इन मकानों का क्षेत्र लगभग 22% बढ़ा दिया गया है |

मध्यम स्तर के मकानों की अचानक बढती हुई संख्या का कारण है – मध्यम स्तर के लोगों की अपने घर की मांग, जिसके चलते आवासीय परियोजनाओं में तेज़ी से वृद्धि हो रही है |

स्त्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स

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